हिन्दी गद्य साहित्य में दिव्यांग विमर्श
Abstract
हिन्दी कथा साहित्य में विकलांग पात्रों की समस्याओं के निरूपण के लिए डॉ. नामवर सिंह का कथन सटीक प्रतीत होता है- "अभी तक जो कहानी कहती थी या कोई चरित्र पेश करती थी अथवा एक विचार को झटका देती थी, वही जीवन के प्रति एक नया भाव बोध जगाती है।" दिव्यांगता विषयक कहानियों में विषयों की विविधता के साथ-साथ नयापन भी है। दिव्यांगता विषयक कहानीकार विषय की यथार्थता के प्रति प्रतिबद्ध है। विकलांगता विषयक कहानी लेखन में उषा प्रियम्बदा, मन्नू भण्डारी, कृष्णा सोवती, शिवानी, मेहरून्निसा परवेज, मृदुला गर्ग, ममता कालिया, सुधा अरोड़ा, कृष्णा अग्निहोत्री, मंजुल भगत, मृणाल पाण्डेय, मालती जोशी, मणिका मोहनी, निरूपमा सोवती जैसी लेखिकाओं का नाम भी प्रमुख है।





