जनजातीय बच्चों में स्वास्थ एवं पोषण की समस्या एवं इसका शैक्षिक विकास पर प्रभाव- झारखण्ड के संदर्भ में एक समीक्षा

Authors

  • डॉ प्रियंका प्रियदर्शनी Author

Abstract

झारखंड राज्य में जनजातीय समुदाय का बड़ा योगदान है, जो राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, यह समुदाय सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से काफी पिछड़ा हुआ है। जनजातीय बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित समस्याएं इस समुदाय में अत्यधिक व्यापक हैं, जिनका सीधा प्रभाव उनके शैक्षिक विकास पर पड़ता है। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में कई चुनौतियाँ हैं, जो इन बच्चों के समग्र विकास में बाधक बनती हैं। झारखंड के जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पोषण की समस्याएं प्रचलित हैं। जनजातीय समुदायों में बच्चे अक्सर कुपोषण, एनीमिया, मलेरिया, ट्यूबरकुलोसिस, और अन्य संक्रमणों का शिकार होते हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ये समस्याएँ अधिक गहरी हो जाती हैं। कुपोषण का असर बच्चों की मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा में भी कमी आती है। स्वास्थ्य और पोषण की समस्याएं बच्चों के शैक्षिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।

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Published

2022-01-01

How to Cite

जनजातीय बच्चों में स्वास्थ एवं पोषण की समस्या एवं इसका शैक्षिक विकास पर प्रभाव- झारखण्ड के संदर्भ में एक समीक्षा. (2022). International Journal of Food and Nutritional Sciences, 11(11A ( Special Issue on Multidisciplinary), 1794-1799. https://ijfans.org/index.php/Journal/article/view/9666