समग्र शिक्षा दर्शन के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की प्रासंगिकता

Authors

  • डॉ० नीलम सुमन Author
  • डॉ० संगीता चौहान Author

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा समग्र शिक्षा दर्शन, बाल-केंद्रित शिक्षा, शिक्षण विधि तथा विषय-चयन संबंधी अनेक शैक्षिक पक्षों में समान है। भारतीय शिक्षा में दोनों ही वस्तुनिष्ठता, सृजनात्मकता, तर्कशीलता, वैज्ञानिकता तथा रचनात्मकता के पक्षधर हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी समग्र शिक्षा दर्शन की भांति बाल-केंद्रित शिक्षा की पूर्णतः समर्थक है जिसमें विद्यार्थी की शिक्षा का सर्वाधिक प्रधान एवं महत्वपूर्ण तत्व है। संपूर्ण शिक्षा प्रणाली जिसके लिए है और जिसके चारों ओर सदैव उसकी सहायता हेतु उपस्थित रहती है। समग्र शिक्षा दर्शन भी इस नीति की भांति शिक्षक को एक आदेशकर्ता, ज्ञानदाता एवं दंडदाता न बना करके उसे विद्यार्थी का पथप्रदर्शक, उसकी विभिन्न शैक्षिक समस्याओं को सुलझाने के लिए मार्ग बताने वाला मार्गदर्शक व एक सहयोगकर्ता के रूप में स्थापित करता है।

Downloads

Published

2022-01-01

Issue

Section

Articles

How to Cite

समग्र शिक्षा दर्शन के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की प्रासंगिकता. (2022). International Journal of Food and Nutritional Sciences, 11(8), 4303-4308. https://ijfans.org/index.php/Journal/article/view/8730