नासिरा शर्मा के उपन्यास और साहित्य
Abstract
साहित्यकार अपने समकालीन परिवेश को विश्वसनीय बनाकर उसे शाश्वतता प्रदान करता है। वह अपने समकालीन परिवेश और घटनाक्रम का दृष्टा होता है। परिवेश का सूक्ष्म अवलोकन उसमें सक्रिय पात्रों के व्यक्तित्व का अध्ययन और अपनी रचनाओं में उनका चित्रण करना साहित्यकार का प्रमुख दायित्व है।





