21वीं सदी की हिन्दी कहानियों का अवलोकन

Authors

  • Maya Author
  • Dr Monika Vyas Author

Abstract

भारतवर्ष में ही सबसे पहले कहानी-लिखित कहानी उत्पन्न हुई, ऐसी मान्यता अधिकांश विद्वानों की है क्योंकि ऋग्वेद में कहानी के बीज मिलते हैं और ऋग्वेद को संसार का प्राचीनतम ग्रन्थ होने का गौरव प्राप्त है। लिपिबद्ध कहानियों की यह परंपरा ऋग्वेद से आरंभ होकर आज तक चली आ रही है। इस प्रकार आधुनिक हिन्दी कहानी के आविर्भाव से पहले कहानी की एक लंबी परंपरा भारतवर्ष में मिलती है। यह परंपरा वैदिक संस्कृत, लौकिक संस्कृत, पालि, प्राकृत, अपभ्रंश भाषाओं के साहित्य से होती हुई हिंदी साहित्य तक चली आई है। ऋग्वेद के संवाद सूक्त, उपनिषदों की रूपक कथाएं, रामायण की अन्तर्कथाएं, महाभारत के उपाख्यान, जातक कथाएं, वृहत्कथा, वासवदत्ता, दशकुमारचरित, कादम्बरी, वृहत्कथाश्लोक, कथासरितसागर, वैताल पंचविंशतिका, शुकसप्तति, सिंहासन द्वात्रिंशिका, पंचतंत्र, हितोपदेश, प्राकृत तथा अपभ्रंश में प्राप्त कथाकाव्य, हिंदी के आदिकाल के चारण काव्य तथा मध्यकाल के प्रेमगाथाकाव्यों, वैष्णव वार्त्ताओं और अन्ततः भारतेन्दुकालीन कथात्मक रचनाओं में हिंदी कहानी के आविर्भाव से पूर्व कहानी का विकास क्रम देखा जा सकता है

Published

2021-01-01

How to Cite

21वीं सदी की हिन्दी कहानियों का अवलोकन. (2021). International Journal of Food and Nutritional Sciences, 10(Special Issue 3), 590-595. https://ijfans.org/index.php/Journal/article/view/4051