SHARM EL-SHEIKH CONFERENCE 2009: REBUILDING A NEW WORLD ORDER IN THE AGE OF CLASH OF CIVILIZATIONS
Keywords:
सभ्यताओं का संघर्ष, विश्व व्यवस्था, शान्ति और विकास, लोकतांत्रिकरण, मानव तस्करी, अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद, समग्र तार्ता।Abstract
इस शोध् पत्रा के माध्यम से शर्म-अल शेख सम्मेलन 2009 का समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है इस मंच के माध्यम से सदस्य राष्ट्रों ने एक न्यायपूर्ण तथा तर्कसंगत विश्व व्यवस्था का दर्शन विकसित किया जो सदस्य राष्ट्रों की समाजिक तथा आर्थिक आवश्यकताओं तथा उद्देश्यों की पूर्ति करने में सहायक हो। इस सम्मेलन का मुख्य विषय फ्शांति और विकास के लिए अन्तर्राष्ट्रीय एकजुटताय् रखा गया। सम्मेलन के अन्तिम घोषणा पत्रा में राष्ट्र प्रमुखों ने अन्तर्राष्ट्रीय सूरक्षा तथा निरस्त्राीकरण शान्ति निर्माण और शान्ति स्थापना, मानवाध्किार और लोकतन्त्रा, मध्यपूर्व में बिगड़ती स्थिति जिसका मूल कारण पिफलिस्तीन है, संयुक्त राष्ट्र संघ का लोकतान्त्रिाकरण, राष्ट्रों पर एक तरपफा प्रतिबन्ध्। विश्व आर्थिक संकट, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विकासात्मक लक्ष्यों, खाद्य सूरक्षा अप्रफीका के लिए विशेष कोष, महामारी, नागरिक समाज, पर्यावरण परिवर्तन, ऊर्जा सूरक्षा, मानव तस्करी, अन्तर्राष्ट्रीय आंतकवाद तथा विश्व सभ्यताओं के मध्य शान्ति तथा विकास के लिए वार्ता को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भारत सहित सभी सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिध्यिों ने अपने महत्वपूर्ण सूझाव प्रस्तुत किए। जहाँ तक हिन्दुस्तान की भूमिका और इसके परिणामों की बात है तो इस संदर्भ में इस लेख में विस्तार से विवेचना की गई है। यह शोध्-पत्रा अन्तर्राष्ट्रीय सै(ान्तिक समीक्षा, जनवरी-जून 2014 में भी प्रकाशित है।







